नवी मुंबई, 18 जनवरी 2026:विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की शानदार फॉर्म जारी है। नवी मुंबई लेग के आखिरी मैच में RCB ने दिल्ली कैपिटल्स विमेंस (DCW) को एकतरफा मुकाबले में हारा कर इस लेग के सभी मैच अपने नाम कर लिए हैं। इस जीत के बड़े हीरो रहे कप्तान स्मृति मंधाना और तेज गेंदबाज लॉरेन बेल।
मंधाना की कैप्टन नॉक: 96 रन की आतिशबाज़ी
पहले बैटिंग करते हुए RCB की शुरुआत धमाकेदार रही। कप्तान स्मृति मंधाना ने मैदान के हर कोने में शॉट्स खेले। वो अपने शतक (सेंचुरी) से महज़ 4 रन चूक गई, लेकिन उनकी 96 रन की पारी ने मैच का रुख पलट दिया। उनका पूरा साथ दिया जॉर्जिया वोल ने, जिन्होंने तबातोड़ 54 रन बनाए।
DCW की बॉलिंग:
दिल्ली की तरफ से बॉलिंग काफी धीमी रही। मैरिजने कप और नंदिनी शर्मा को 1-1 विकेट मिला, लेकिन वो RCB के रन-रेट पर लगाम नहीं लगा सकी।
लॉरेन बेल और सायाली का गहलबा:
DCW की बैटिंग ढह गईबड़े लक्ष्य का पीछा करने के बाद दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत खराब रही। लॉरेन बेल ने अपनी रफ़्तार से दिल्ली के टॉप ऑर्डर को धवस्त कर दिया और 3 विकेट झटके। उनके साथ देते हुए सायाली सतघरे ने भी 3 विकेट लिए, जबकी प्रेमा रावत ने 2 विकेट लेकर दिल्ली की कमर तोड़ दी।
DCW की बैटिंग:
दिल्ली की तरफ से सिर्फ शेफाली वर्मा ने लड़ाई लड़ी और 62 रन बनाए। उनके अलावा लूसी हैमिल्टन (36 रन) और स्नेहा राणा (22 रन) ने कोशिश की, लेकिन दिल्ली की टीम 160 रन पे पूरी टूट गई।
मैच के 3 बड़े टर्निंग पॉइंट:
- मंधाना और जॉर्जिया वोल की 100+ रन की साझेदारी: जब RCB ने एक जल्दी विकेट खो दिया था, तब स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल ने दिल्ली के बॉलर्स की धज्जियां उड़ा दी थीं। इन दोनों के बीच हुई तेज़-तर्रार पार्टनरशिप ने ही RCB को एक ऐसा स्कोर तक पहुंचाया जहां से दिल्ली दबाव में आ गई।
2. लॉरेन बेल का डबल स्ट्राइक:
दिल्ली की बैटिंग के समय लॉरेन बेल ने एक ही ओवर में दो बड़े विकेट लेकर DCW को बैकफुट पर धकेल दिया। उनकी स्विंग और बाउंस ने शैफाली वर्मा के अलावा किसी भी बैटर को मैदान पर टिकने नहीं दिया।
3. मंधाना का 96 पर आउट होना: हालांकी स्मृति ने अपना शतक (100) नहीं बनाया, लेकिन उन्होंने आउट होने से पहले इतना नुकसान कर दिया था कि मैच दिल्ली के हाथ से निकल चुका था। उनकी यह पारी इस सीजन की अब तक की सबसे अनुशासित पारी रही।
🚀 पॉइंट्स टेबल पर दबदबा
नवी मुंबई लेग में जीत की हैट्रिक लगाने के बाद आरसीबी अब पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर काबिज हो गई है। टीम के बीच का तालमेल और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास देखकर ऐसा लग रहा है कि इस समय उनके सामने जो भी टीम आ रही है, वह टिक नहीं पा रही है। फैंस के बीच ‘ई साला कप नमदे’ का नारा अब और भी जोर-शोर से गूंजने लगा है।
Point Table
| Team | P | W | L | NR | PTS | NRR |
|---|---|---|---|---|---|---|
| RCBW (Q) | 8 | 6 | 2 | 0 | 10 | +1.247 |
| GGTW (Q) | 8 | 5 | 3 | 0 | 8 | -0.168 |
| MIW | 8 | 3 | 5 | 0 | 6 | +0.059 |
| DCW | 7 | 3 | 4 | 0 | 6 | -0.164 |
| UPW | 7 | 2 | 5 | 0 | 4 | -1.146 |
💥 मंधाना की कप्तानी और बल्लेबाजी का जादू
इस लेग में स्मृति मंधाना ने न केवल अपनी कप्तानी से प्रभावित किया, बल्कि उनके बल्ले से भी रनों का सैलाब निकला है। उन्होंने गेंदबाजों को मैदान के चारों ओर मारकर यह साफ कर दिया है कि उनकी सेना इस बार ट्रॉफी की प्रबल दावेदार है। नवी मुंबई की पिचों पर स्मृति की टाइमिंग और प्लेसमेंट लाजवाब रही है, जिसने आरसीबी को हर मैच में विस्फोटक शुरुआत दिलाई है।
🛡️ अजय रही है आरसीबी की ‘यूनिट’
आरसीबी की इस सफलता के पीछे किसी एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरी टीम का सामूहिक योगदान है:
- मिडल ऑर्डर का दम: नादिन डी क्लर्क और रिचा घोष ने मध्यक्रम में स्थिरता के साथ-साथ फिनिशिंग टच भी दिया है।
- गेंदबाजी में पैनापन: लॉरेन बेल की स्विंग और श्रेयंका पाटिल की फिरकी ने विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
- फील्डिंग का स्तर: मंधाना की सेना ने मैदान पर चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए कई नामुमकिन कैच पकड़े और रन बचाए।
नादिन डी क्लर्क: आरसीबी की नई ‘संकटमोचक’
- डेथ ओवर्स की महारथी: नादिन डी क्लर्क ने अपनी सटीक यॉर्कर और धीमी गति की गेंदों (slower balls) से अंतिम ओवरों में रनों की गति पर लगाम लगाने का काम बखूबी किया है। जब भी टीम को विकेट की तलाश होती है, स्मृति गेंद नादिन को थमाती हैं और वह निराश नहीं करतीं।
- निचले क्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी: डी क्लर्क केवल गेंद से ही नहीं, बल्कि बल्ले से भी मैच पलटने का माद्दा रखती हैं। उन्होंने लोअर-मिडल ऑर्डर में आकर कुछ ऐसी कैमियो पारियां खेली हैं, जिन्होंने आरसीबी के स्कोर को ‘औसत’ से ‘विजेता’ तक पहुँचाया।
- फील्डिंग में जान फूंकना: बाउंड्री लाइन पर उनकी मुस्तैदी और उनकी लंबी थ्रो विपक्षी बल्लेबाजों को दूसरा रन लेने से पहले दो बार सोचने पर मजबूर कर देती है। वह मैदान पर अपनी ऊर्जा से पूरी टीम का उत्साह बढ़ाती हैं।
स्मृति का भरोसा और नादिन का साथ
कप्तान स्मृति मंधाना ने कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि नादिन जैसी खिलाड़ी टीम को बैलेंस देती हैं। वह एक ऐसी ‘यूटिलिटी प्लेयर’ हैं जो एलीस पेरी और सोफी डिवाइन जैसे बड़े नामों के बीच अपने प्रदर्शन से अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
1 thought on ““WPL 2026: नहीं बचा कोई सामने! Smriti Mandhana की सेना ने Navi Mumbai Leg में गाड़े जीत के झंडे।””